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चुनाव
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चुनाव
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बुधवार, मई 28
चुनाव हमारा है
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चुनाव हमारा है कल हम हो जायेंगे विदा और परसों लोग हमें भूल जायेंगे इस तरह जैसे कि कभी था ही नहीं अस्तित्त्व हमारा इस दुनिया में हमार...
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सोमवार, मई 26
चुनाव
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चुनाव गा रहे पंछी बह रही हवा घूम रही धरा हो रहा अपने आप सब कुछ ! चल रही श्वास बढ़ रही उम्र दौड़ रहा मन हो रहा अपने आप सब कु...
3 टिप्पणियां:
सोमवार, जून 10
सभी दलों से देश बड़ा है
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सभी दलों से देश बड़ा है लोकतंत्र की विजय हुई है हारे-जीततें होंगे लोग, देश समन्वय के रस्ते पर आश्वासित हुए सारे लोग ! तय कर दिया चुनावो...
बुधवार, जून 5
अब चलो, पर्यावरण की बात सुनें
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अब चलो, पर्यावरण की बात सुनें ख़त्म हुई चुनाव की गहमा गहमी अब चलो, पर्यावरण की बात सुनें सूखते जलाशयों पर नज़र डालें कहीं झुलसती धरती ...
7 टिप्पणियां:
शनिवार, जून 1
कितना झूठ हक़ीक़त कितनी
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विजय माल कौन पहनेगा अबकी बार चार सौ पार चला यह नारा बारम्बार, लोकतंत्र के भवसागर से यही करेगा बेड़ा पार ! दुनिया देख रही भौंचक्की बना च...
4 टिप्पणियां:
शुक्रवार, अगस्त 11
विभूति
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विभूति सुना है तेरी मर्ज़ी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता कोई चुनाव भी करता है तो तेरे ही नियमों के भीतर चाँद-तारे तेरे बनाये रास्तों पर ...
8 टिप्पणियां:
गुरुवार, अप्रैल 6
अमिलन
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अमिलन लाख मिलाएँ शक्कर और रेत जैसे नहीं मिलते आत्मा और देह वैसे ही हैं अंतत: शक्कर भी परमाणुओं से बनी है रेत की तरह देह भी बनी है उ...
4 टिप्पणियां:
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