मन पाए विश्राम जहाँ
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मंगलवार, नवंबर 11
जीवन राग
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जीवन राग मिट जाते हैं सारे द्वन्द्व झर जाता है हर विरोध ख़त्म हो जाता है सदा के लिए संघर्ष जब नत मस्तक होता है मन (तेरे सम्मुख) खो जाती ...
12 टिप्पणियां:
बुधवार, जुलाई 11
नहीं तो...
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नहीं तो... देह नहीं हो सकता वह क्योंकि देह उसकी अस्वस्थ है पर वह पूर्ववत् है मन भी नहीं क्योंकि मन उसका उदास भी हो सकता है ...
10 टिप्पणियां:
सोमवार, मार्च 5
अमृत बन कर तू ढलता है
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अमृत बन कर तू ढलता है तुझसे परिचय होना भर है कदम-कदम पर तू मिलता है, उर का मंथन कर जो पाले परम प्रेम से मन खिलता है ! भीतर के उजियाले म...
19 टिप्पणियां:
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