मन पाए विश्राम जहाँ
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मंगलवार, फ़रवरी 3
अनुराग बहे भीतर
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अनुराग बहे भीतर जड़ता से मुक्त हृदय आओ नव सृजन करें, बिखरा दें श्रम सीकर सुमनों से धरा भरें ! संतोषी अंतर मन पुलकित हो गात सदा, जीवन ...
12 टिप्पणियां:
बुधवार, जुलाई 12
स्पंदन
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स्पंदन जो भी सृजित है गढ़ा गया है निरंतर गतिमान है सृजन के क्षण से तरंगित और कंपित है परमाणु में घूम रहे हैं सूक्ष्म इलेक्ट्रॉन अनव...
5 टिप्पणियां:
बुधवार, सितंबर 17
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आप सभी को बधाई
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विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर माह सितम्बर तिथि सत्रह पर पूजा होती आदि शिल्पी की, तकनीकी, विज्ञान के जनक देव शिरोमणि विश्वकर्मा...
6 टिप्पणियां:
बुधवार, अगस्त 13
उसने भी कर दिया इशारा
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उसने भी कर दिया इशारा रंग हमारे हाथ लगे हैं कैनवास है यह जग सारा, रंगी इसे बना डालें अब उसने भी कर दिया इशारा ! कोई गीत रचे ...
5 टिप्पणियां:
शुक्रवार, मई 27
ब्लॉग जगत के सभी कवियों को समर्पित
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कवि से स्वप्न शील, हे रचनाकार ! उर में कोटि राज छिपाए, गीत गा रहे युगों-युगों से अंतर कोष भरा रह जाये ! सृजन शील, हे कलाकार...
10 टिप्पणियां:
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