मन पाए विश्राम जहाँ
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रविवार, नवंबर 17
प्रेम
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प्रेम प्रेम के क्षण में स्वर्ग बन जाती है दुनिया देव बन जाता है मन जो देना चाहता है सारे वरदान इस जगत को प्रेम की नन्ही सी किरण मिटा ...
12 टिप्पणियां:
गुरुवार, दिसंबर 8
मृत्यु शैय्या पर पड़ा व्यक्ति
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मृत्यु शैय्या पर पड़ा व्यक्ति न जाने कितने जन्मों में कितनी देहें धरी होंगी, कितने सम्मान गहे होंगे कितने अपमान सहे होंगे कितनी बार रोये गि...
10 टिप्पणियां:
सोमवार, जनवरी 31
हँसना मना है !
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मुकरियाँ हर बंधन को बुरा बतावे अपनी मर्जी ही चलवावे सांसत में सब आये पालक क्यों सखी साजन, न सखी बालक ! ठूंस-ठूंस कर चारा खाए अपनी खिदमत खू...
9 टिप्पणियां:
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