मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
गुरुवार, फ़रवरी 27
शिवरात्रि के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें
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शम्भो शंकर हे महादेव शूलपाणि, हे गंगाधर, हे महादेव, औघड़ दाता हे त्रिपुरारी, शंकर शम्भो, हे जगनायक, जग के त्राता ! हे शिव,...
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बुधवार, फ़रवरी 26
मिल गयी चाबी
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मिल गयी चाबी रात अँधेरी और घनेरी घर का रस्ता भूल गया वह, दूर कहीं आवाज़ भयानक, भटक रहा भयभीत हुआ वह ! टप टप बूँदें, पवन जोर से ठं...
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शुक्रवार, फ़रवरी 21
आदमी फिर भी भटकता है
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आदमी फिर भी भटकता है राहबर आये हजारों इस जहाँ में आदमी फिर भी भटकता है ! जरा सी बात पर भौहें चढ़ाता यह फिर शांति की राह तकता ...
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मंगलवार, फ़रवरी 18
दिल में उसके हम रहते हैं
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दिल में उसके हम रहते हैं वह रहता है अपने दिल में सुना था जाने कितनी बार, झाँका जब भी भीतर अपने पाया केवल यह संसार ! चा...
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रविवार, फ़रवरी 16
इंतजार इक नयनों में पलने देना
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इंतजार इक नयनों में पलने देना कुछ करना कुछ ना करने की जिद करना अच्छा है खुद से सब कुछ होने देना करने में सीमा होगी श्रम भी ह...
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मंगलवार, फ़रवरी 11
कुछ बातें दिल से
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कुछ बातें दिल से शिकायतें कर लीं बहुत जमाने से सिर कहीं अब तो झुकाया जाये बोझ ढोयें अच्छाइयों का कब तक चलो औरों को बेहतर बत...
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शनिवार, फ़रवरी 8
बहने दो
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बहने दो बहने दो पावन रसधार, मत रोको ! झरने दो सजल अश्रुधार, मत टोको माना मन परिचित है बंधन से डरता है अनहद की गुंजन से खिलने दो अन्त...
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बुधवार, फ़रवरी 5
लो आ गया वसंत
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लो आ गया वसंत धूप रानी हो गयी रुत सुहानी हो गयी बाग में कलियाँ खिलाता छा गया वसंत लो आ गया वसंत ! खुशबुएँ तन पर लपेटे ...
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सोमवार, फ़रवरी 3
झर जाये हर चाह तो
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झर जाये हर चाह तो थम कर ठिठक जाता है खाली हुआ मन ! रीझ-रीझ जाता है खुद पर ही तकने लगता है निर्निमेष अंतहीन निज साम्राज्य को...
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बुधवार, जनवरी 29
जीवन का गीत
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जीवन का गीत हर तरफ है शोर भीड़ और दुःख का साम्राज्य... बहते हुए अश्रु, सिसकियाँ और अर्थहीन आवाजें जीवन जैसे एक खोल में सिमट आय...
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रविवार, जनवरी 26
गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें
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गणतन्त्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनायें अमृत बरसे है अम्बर से सूर्य देव को करें प्रणाम, धरती पर नदियाँ, झीलें पुण्य धरा सींचें ...
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