मन पाए विश्राम जहाँ
नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !
अनन्त
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
अनन्त
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
रविवार, फ़रवरी 2
सुख की फसल भीतर खिले
›
उन सभी बच्चों के नाम जिनका आज जन्मदिन है और जो घर से दूर हैं सुख की फसल भीतर खिले है गगन सीमा तुम्हारी उसके पहले मत थमो, ब...
12 टिप्पणियां:
शुक्रवार, जनवरी 17
प्रेम
›
प्रेम एक-दूजे को समझते हुए एक दूजे को ऊपर उठाते हुए साथ-साथ जीने का नाम ही प्रेम है अहंकार तज कर हँसते-हँसते हर मान-अप...
4 टिप्पणियां:
मंगलवार, अक्टूबर 29
वर्तमान का यह पल
›
वर्तमान का यह पल घट रहा है जीवन अनंत-अनंत रूपों में वर्तमान के इस छोटे से पल में सूरज चमक रहा है इस क्षण भी अपने पूरे वैभव...
6 टिप्पणियां:
शनिवार, फ़रवरी 16
ऐसा है वह अनंत
›
ऐसा है वह अनंत चादर की तरह लपेट लिया है काँधे पर उसने नीले आकाश को मस्तक पर चाँद की बिंदी लगाये धार लिया है सूरज वक्षस्थल पर ...
1 टिप्पणी:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें