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बगिया
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मंगलवार, मई 19
नींदें हैं सदियों की
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नींदें हैं सदियों की छोटे से जीवन में भरना है आकाश, नन्ही सी बगिया में पलना है पलाश ! कुछ ही तो पल होंगे जीवन मुस्का...
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बुधवार, मई 25
संध्या राग
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संध्या राग मसूर की दाल के से गुलाबी बार्डर वाले सुरमई बादल मानो संध्या ने पहनी हो नई साड़ी कुहू-कुहू की तान गुंजाती ध्वनि और यह मंद पव...
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