मन पाए विश्राम जहाँ

नए वर्ष में नए नाम के साथ प्रस्तुत है यह ब्लॉग !

बगिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बगिया लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, मई 19

नींदें हैं सदियों की

›
नींदें हैं सदियों की छोटे से जीवन में भरना है आकाश, नन्ही सी बगिया में पलना है पलाश ! कुछ ही तो पल होंगे जीवन मुस्का...
5 टिप्‍पणियां:
बुधवार, मई 25

संध्या राग

›
संध्या राग मसूर की दाल के से गुलाबी बार्डर वाले  सुरमई बादल मानो संध्या ने पहनी हो नई साड़ी  कुहू-कुहू की तान गुंजाती ध्वनि   और यह मंद पव...
11 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Anita
यह अनंत सृष्टि एक रहस्य का आवरण ओढ़े हुए है, काव्य में यह शक्ति है कि उस रहस्य को उजागर करे या उसे और भी घना कर दे! लिखना मेरे लिये सत्य के निकट आने का प्रयास है.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.