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मंगलवार, मई 3
आज खिले कल मुरझाएंगे
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आज खिले कल मुरझाएंगे पल-पल हाँ से नहीं हो रहे छिन-छिन हम तुम शेष हो रहे, चुक जाना है नियति अपनी थम जायेगी गति जीवन की ! काल सिंधु में बह...
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शुक्रवार, फ़रवरी 18
मन होता है
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मन होता है कोमल रंग भावनाओं के कुछ नीले गगन पे उकेरूँ, सारी धरती भर जाये फिर सच्चाई के बीज बिखेरूं ! छंटे अँधेरा हर इक मन का कुछ पल मैं सू...
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