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एकांत
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एकांत
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सोमवार, अप्रैल 22
एकांत
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एकांत उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक धरा के इस छोर से उस छोर तक कोई दस्तक सुनाई नहीं देती जब तक सुनने की कला न आये वह कर्ण न मिलें स...
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शुक्रवार, जुलाई 30
एकांत और अकेलापन
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एकांत और अकेलापन अकेलापन खलता है एकांत में अंतरदीप जलता है अकेलेपन के शिकार होते हैं मानव एकांत कृपा की तरह बरसता है ! जब भीड़ में भी अक...
16 टिप्पणियां:
सोमवार, नवंबर 2
एक अगोचर वह अनदेखा
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एक अगोचर वह अनदेखा भरा-भरा घर किन्तु हृदय में इक खालीपन सदा सताता , सुना है कि कोई बिरला ही भरे रिक्तता को मुस्काता ! अमल अन...
6 टिप्पणियां:
मंगलवार, अक्टूबर 13
उस लोक में
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उस लोक में जहां आलोक है अहर्निश किंतु समय ही नहीं है जहाँ रात-दिन घटें कैसे ? पर शब्दों की सीमा है जागरण के उस लोक में जहाँ नितांत एकां...
3 टिप्पणियां:
शुक्रवार, मई 11
शब्दातीत....
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शब्दातीत.... नीरव सन्नाटा है जहाँ एक अस्पृश्य मौन अंतहीन चुप्पी ! निष्तरंगता...वहाँ कम्पन भी नहीं सूक्ष्म कम्पन जहाँ झी...
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