शुक्रवार, मई 12

परम पूज्य सदगुरू के जन्मदिन पर



परम पूज्य सदगुरू के जन्मदिन पर 


खिलता कमल, पूनम का चाँद
अरुणिम सूर्य, नीला आकाश,
मंद समीर प्रातः का जैसे
सद्गगुरु बहता हुआ प्रकाश !

नयन बोलते, स्मित झरता है
मधुरिम आभा सँग-सँग डोले,
प्रश्न सभी गिर जाते मन के
वाणी राज जगत के खोले !

सुख-दुःख की सीमा दिखलाई
छोड़ दिया ले जा अनंत में,
उत्सव है जीवन का हर पल  
वही विराजे अंतरतम में !

सारे जग का मीत बना है
करुणा और ज्ञान का सागर,
उर कोमल, संकल्प लौह सा
प्रीत भरी ज्यों छलके गागर !

दुनिया के कोने-कोने में
 पहुँचाया संदेश प्रेम का,
द्रवित हुए पाहन से उर भी
दृष्टि मिली सत्य तभी प्रकटा !

जन्मदिवस पर गाता हर दिल
बार-बार आये यह शुभ दिन,
रहें सुवासित पाकर अंतर
ज्ञान पुष्प जो झरते निशदिन !





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