रविवार, नवंबर 27

घुटने का दर्द

घुटने का दर्द 

उम्र की सीढ़ी चढ़ते चढ़ते 
दर्द की इक सौगात मिली,
जितना जितना किया इलाज 
मर्ज को उतनी हवा मिली 

बचपन का वह कोमल सा तन 
युवा काल का गठा बदन,
प्रौढ़ावस्था भी जाने को 
वृद्ध हुआ न माने मन !

चाल में तेजी वही पुरानी 
नहीं आत्मा कभी बदलती,
शौके-फितरत कायम रहता 
सदा जवां यह भरम पालती !

उसी जुनूँ  ने दर्द दिया यह 
गहरी चोट लगी घुटने में,
चलने-फिरने पर बन्दिश है 
जीवन सिमटा है बस  घर में !

दफ्तर आना-जाना छूटा 
हर दिन ही मानता है संडे,
समय बिताने के सार्थक 
सीख लिए हैं कितने फंडे  !

देह भले न मोबाइल हो 
किन्तु हाथ में मोटोजी  है,
फेसबुक पर हाल बताया 
लाइक  की लंबी  लिस्ट है !

फुर्सत ही फुर्सत है अब तो 
जब भी चाहें तानें लंबी,
घण्टों लैपटॉप पर बैठें 
 मूव न हों पर देखें मूवी !







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