अम्बेडकर जयंती पर शुभकामनाएँ
धर्म वही, जो आज़ादी दे
भेदभाव ह्रदय से, मिटा दे,
परम पाठ बंधुत्त्व का सिखा
झूठी हर दीवार गिरा दे !
मेधा का विकास यदि कर लें
क़िस्मत अपने आप सधेगी,
शक्ति जगायें भीतर सोयी
जीवन की अहमियत बढ़ेगी !
आयु दीर्घ होने से क्या है
जीवन में गहराई आये,
अपने आसपास में रस ले
उसको ही तरुणाई आये !
रहे बोध इतिहास का सदा
किंतु भविष्य पर निज दृष्टि हो,
सही-ग़लत का भेद ज्ञात हो
निर्भय होकर चुनें सही को !
संविधान का सदुपयोग हो
सामाजिक स्वतंत्रता आये,
अभी कल्पना है, समानता
किंतु यही सद राह दिखाए !
बहुत प्रेरक अभिव्यक्ति
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