मंगलवार, मई 19

नींदें हैं सदियों की



नींदें हैं सदियों की

छोटे से जीवन में
भरना है आकाश,
नन्ही सी बगिया में
पलना है पलाश !

कुछ ही तो पल होंगे
जीवन मुस्काएगा,
पलकों में पल भर ही
सपना भर पायेगा !

नींदें हैं सदियों की
क्षण भर में टूटेंगी,
मंजिल को पाने की
हसरत भी छूटेगी !


5 टिप्‍पणियां:

  1. आप से पूरी तरह सहमत हूँ लाजवाब प्रस्तुति

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  2. बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...बेह्तरीन अभिव्यक्ति ...!!शुभकामनायें.

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  3. रचना जी, संजय जी व मदन जी, स्वागत व आभार !

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  4. पल की सार्थकता -जीवन की उपलब्धि !!

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