जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो
नीले नभ में देख तिरंगा
हर भारतवासी को गर्व है,
वीरों के बलिदानों से ही
आया आज़ादी का पर्व है !
भारत की मिट्टी चंदन, भरा
ऋषियों के तप से कण-कण है,
सींचा श्रम की धाराओं से,
श्रमिकों का भी हम पर ऋण है !
भारत का हर युवा व बालक
सत्य और सेवा का पथ पर,
देशप्रेम अंतर में भर ले
जाति, धर्म के भेद भुलाकर !
नदियाँ निर्मल, बढ़े वन भूमि
हर भारतीय शिक्षा पाये,
सदा बढ़े नारी का गौरव
भारत जग को राह दिखाये !
केवल उत्सव नहीं यह दिवस
ज़िम्मेदारी याद दिलाता,
तज प्रमाद कर्त्तव्य निभाये
वही देश का मान बढ़ाता !
मिलकर यह संकल्प करें हम
भारत का भविष्य उज्ज्वल हो,
शान तिरंगे की नित ऊँची
जन-जन का मन भी प्रज्ज्वल हो !
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