शुक्रवार, जून 24

प्रार्थना

प्रार्थना

पुष्प, पवन, पंछी व तारे
जो भी साथी-संगी हमारे,
सुख पायें, हो मंगल सबका
प्रमुदित हो पनपें वे सारे  !

जो भी सुंदर है, शुभ है
आकर्षक, मनमोहक है,
केंद्र बने सबके जीवन का
जीवन का जो भी सम्बल है !

सहज, सरल हो जीवन राहें
हों पूर्ण सदा उनकी सद्चाहें,
अंतर्ज्योति सदा प्रज्ज्वलित
रहें लक्ष्य की ओर निगाहें !

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