मंगलवार, जून 11

आयी है घर में बहार

आयी है घर में बहार

बात पिछली शताब्दी की है
तब इंटरनेट भी नहीं था न मोबाईल
सुबह सवेरे बैठ कर रिक्शे पर
जाती थी छोटी सी बालिका स्कूल
लगाये बालों में रिबन के फूल

फिर बात कुछ वर्ष बाद की...
पहने छोटी सी सलवार-कमीज
समुद्र-टापू खेलते आंगन में
नहीं जाना आज स्कूल..
खेलने दो न, जिद करती माँ से
चली गयी थी फिर विदेश
कहाँ हुई फ़ोन से भी फिर बात  
अब तस्वीरों से ही होती थी मुलाकात
वर्षों बाद एक बार आई थी हमारे साथ
कालेज शुरू करने से पूर्व
फिर की लम्बी पढ़ाई
विवाह बंधन में बंधी
सीए युगल ने दुबई में रह 
सफलता व सम्पन्नता पायी

वापस आकर राजधानी में
सुघड़ गृहस्थी जमाई
बने है वे माँ-पिता  
आज खबर है आयी
गौरव जान चुकी है आज नारी होने का
किसी की तुतलाती बोली में माँ कहलाने का
धरा पर लायी है एक किलकार
देने उसे प्यार और ढेर सारे संस्कार
हर्षित है सारा परिवार
आयी है घर में बहार
हाँ, वह दर्द में है अभी  
पर यही पीड़ा
जीवन का सम्बल बनेगी
भीतर की शक्ति जगेगी  
मिले प्यारी गुडिया को
जीवन के सभी प्राप्तव्य
सुंदर हो भविष्य
और हों कर्म दिव्य
यही है हमारी कामना
नये-नये माँ-पापा के लिए दिली शुभ भावना..




21 टिप्‍पणियां:

  1. गौरव जान चुकी है आज नारी होने का
    किसी की तुतलाती बोली में माँ कहलाने का
    धरा पर लायी है एक किलकार
    देने उसे प्यार और ढेर सारे संस्कार
    हर्षित है सारा परिवार
    congratulations anita ji .

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    1. शालिनी जी, स्वागत व आभार ! इस कविता में जिस नारी का जिक्र किया गया है वह मेरी बड़ी भांजी है, कल रात ही उसके यहाँ बिटिया का पदार्पण हुआ है.

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    2. हार्दिक बधाई आंटी।
      बहुत ही अच्छी कविता से आपने नन्ही परी का स्वागत किया है।


      सादर

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  2. बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी शुभकामनायें.

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन यात्रा रुकेगी नहीं ... मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  4. बहुत सुन्दर रचना ...अमरी भी सुभकामनाएँ दीजिए ...!!

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  5. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ,शुभकामनाएं
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post: प्रेम- पहेली
    LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !

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  6. भावनाओं का संगम समेटे ... दिल को छूती हुई प्यारी सी कोमल रचना ...
    बधाई इस नव चेतना पे ...

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    1. अनुपमा जी, कालीपद जी व दिगम्बर जी आप सभी का स्वागत व आभार!

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  7. बहुत सुन्दर अनिताजी

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  8. बहुत ही सुन्दर कविता ...भाव विभोर करती हुइ ..!!

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  9. बहुत प्यारी अभिव्यक्ति....
    हमारी ओर से भी आप सभी को बधाई और नयी मेहमान को स्नेहाशीष....

    सादर
    अनु

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    1. सरस जी, वसुंधरा जी व अनु जी आप सभी का स्वागत व आभार !

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  10. आपने लिखा....हमने पढ़ा
    और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए कल 13/06/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    धन्यवाद!

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  11. नन्ही सी राजकुमारी का स्वागत और स्नेहाशीष .. हमारी तरफ से भी ढेर सारी शुभकामनायें... सुन्दर कोमल भाव

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  12. बहुत सुन्दर...आप सब को हार्दिक बधाई ...

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  13. संगीता जी, संध्या जी व कैलाश जी आप सभी का स्वागत व आभार!

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  14. वाह.......अति सुन्दर .......हार्दिक शुभकामनायें।

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