शिक्षा को मूल्यों से भर लें
अंतरिक्ष तक जा पहुँचा है
अनगिन तारा मण्डल खोजे,
सागर की गहराई नापी
किन्तु हुआ बेबस नर सोचे !
भेद दिया परमाणु मनुज ने
विनाशकारी बम बरसाया,
लाखों लोगों को इक पल में
मृत्यु के आँचल में सुलाया !
सूक्ष्म की ताकत अपरिमित है
मानव से बढ़ कौन जानता,
सूक्ष्म तरंगों के बल पर ही
वर्ल्ड वाइड वेब रच डाला !
किन्तु सूक्ष्म से लड़ना होगा
इसकी शायद खबर नहीं थी,
चिकित्सा पद्धति की सीमा है
इस तत्व पर नजर नहीं थी !
अभी नहीं था अवगत इससे
सूक्ष्म जगत भी एक यहां है,
जीवाणु, विषाणु भी अनेकों
जिनका बहुत प्रकोप सहा है !
अब भी जाग सकें तो जागें
जीवन में परिवर्तन कर लें,
झुकें परम शक्ति के सम्मुख
शिक्षा को मूल्यों से भर लें !


