मंगलवार, जनवरी 25

गणतन्त्र दिवस की शुभकामनायें

गणतन्त्र दिवस

तिरंगा सुनाता है अपनी कहानी
 राजा है इसमें न ही कोई रानी,
शहीदों के खूं से लिखी यह गयी है
हजारों की इसमें छुपी क़ुरबानी !

गुलामी का दर्द भयानक बड़ा था
घुट घुट के जीते थे शासन कड़ा था,  
आजादी की शमा जब जली लहराती  
तिरंगा गगन में ऊँचा खड़ा था !

बापू ने इसमें भरे रंग प्यारे
चरखा बना चक्र, संदेश धारे,
बढ़ते चलें तोड़ बाधायें पथ की
मंजिल सदा दे, आशा पुकारे !

केसरिया सुनाये साहस की गाथा  
हरियाला भारत स्वप्न सजाता,  
सच्चाई, शांति का संदेशा देकर   
तिरंगा दिलों में आकांक्षा जगाता !

अनिता निहालानी
२५ जनवरी २०११


   

3 टिप्‍पणियां:

  1. Tiring ki Shan ko samarpit aapki kavita men aazaad bharat ki mati ki khushbu bhi hai.

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  2. केसरिया सुनाये साहस की गाथा हरियाला भारत स्वप्न सजाता, सच्चाई, शांति का संदेशा देकर तिरंगा दिलों में आकांक्षा जगाता !

    वह अनीता जी -बहुत खूब.
    सुंदर स्वागत गणतंत्र दिवस का ...!!
    अनेक शुभकामनायें .

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  3. आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.
    सादर
    ------
    गणतंत्र को नमन करें

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