मंगलवार, अक्तूबर 4

दुलियाजान में दुर्गापूजा



माँ तेरे रूप अनेक

जगज्जननी ! हे मूल प्रकृति !
ज्योतिस्वरूपा सनातनी,
जगदम्बा, माँ सरस्वती
लक्ष्मी, गंगा, पार्वती !

दुर्गा देवी सदा सहाय
जीवन में बाधा जब आए,
भद्र काली करे कल्याण
माँ अम्बिका स्नेह लुटाए !

अन्नपूर्णा भरे भंडारे
सर्वमंगला मंगल लाए,  
चण्डिका परम शक्ति
भैरवी भय हरले जाय ! 

आनंद दायिनी ललिता देवी
जीवन दात्री है भवानी,
मुकाम्बिका माँ त्रिपुर सुन्दरी
कुमुदा, कुंडलिनी, रुद्राणी !

7 टिप्‍पणियां:

  1. जय माता की…………सुन्दर प्रस्तुति।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||

    बहुत बहुत बधाई ||

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  3. जय माता की....बहुत सुन्दर वंदन

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  4. सुंदर प्रस्तुति. नवरात्रि की बहुत शुभकामनायें.

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  5. दुर्गा देवी सदा और सभी पर सहाय .ह्रदय सी ऐसी ही अभिलाषा उठ रही है.

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  6. मेरे ब्लॉग ' जज़्बात.....दिल से दिल तक' की नयी पोस्ट आपके ज़िक्र से रोशन है......जब भी फुर्सत मिले ज़रूर देखें|

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