शुक्रवार, फ़रवरी 3

भीतर जल ताजा है


भीतर जल ताजा है



माना कि जिंदगी संघर्ष है
कई खतरनाक मोड़ अचानक आते हैं
कभी इसको तो कभी उसको हम मनाते हैं
भीतर कहीं गहराई में जिंदगी बहती है
दू.....र टिमटिमाती गाँव की रोशनी की तरह....
ऊपर-ऊपर सब सूखा है, धुंध, धूल, हवा से ढका
आंधियों से घिरा
पर भीतर जल ताजा है
स्वच्छ, अदेखा, अस्पर्श्य, अछूता
माना कि अभी पहुँच नहीं वहाँ तक
उसकी ठंडक महसूस होती तो है 
शिराओं में...
उस धारा को बना कर नहर ऊपर लाना है
जो दिखता है दूर उसे निकटतम बनाना है !

17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर है कविता अनीता जी.....

    माना कि जिंदगी संघर्ष है
    कई खतरनाक मोड़ अचानक आते हैं
    कभी इसको तो कभी उसको हम मनाते हैं
    भीतर कहीं गहराई में जिंदगी बहती है

    हैट्स ऑफ इसके लिए|

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत अच्छी बात अपने कह डाली कितनी सादगी से...

    बहुत सुन्दर..

    टायपिंग की गलती हुई है..अदेखा को अनदेखा कर दें..
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर प्रस्तुति आपकी
    आपको बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह!!
    ऊपर-ऊपर सब सूखा है, धुंध, धूल, हवा से ढका
    आंधियों से घिरा
    पर भीतर जल ताजा है
    स्वच्छ, अदेखा, अस्पर्श्य, अछूता
    ..
    बहुत सुन्दर रचना...
    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल शनिवार .. 04-02 -20 12 को यहाँ भी है

    ...नयी पुरानी हलचलपर ..... .
    कृपया पधारें ...आभार .

    उत्तर देंहटाएं
  6. ऊपर-ऊपर सब सूखा है, धुंध, धूल, हवा से ढका
    आंधियों से घिरा
    पर भीतर जल ताजा है

    aur jl hi jeevan hai..

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुन्दर भाव हैं |उत्तम रचना है अनीती जी |
    आशा

    उत्तर देंहटाएं
  8. बेहतरीन रचना.....सराहनीय.......
    कृपया इसे भी पढ़े-
    नेता, कुत्ता और वेश्या

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह! खूबसूरत प्रस्तुति.
    भीतर के जल में स्नान किया जाए
    उसका आचमन किया जाए,तो बेडा पार हो जाए.
    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार,अनीता जी.

    उत्तर देंहटाएं
  10. आप सभी सुधीजनों का स्वागत व आभार ! विद्या जी, अबोला व अजाना की तरह अदेखा भी मान्य शब्द है, जहाँ तक मेरी जानकारी है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. ओह!मुझे लगा शायद गलती से हुआ होगा.
      :-)
      चलिए मेरा ज्ञान ही बढ़ गया कुछ.
      आभार.

      हटाएं
  11. बहुत सुन्दर भाव .. जीवन में निरंतर संघर्ष हैं ..

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह ...बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  13. अदृश्य डोर को सुन्दर तरीके से समझा दिया है आपने..जो हमें लिए चलती है..अच्छी लगी रचना .

    उत्तर देंहटाएं