शनिवार, मई 4

याद दिलाता है हर मंजर




याद दिलाता है हर मंजर

सूना-सूना घर तकता है
मालिक घर के कहाँ गये,
खाली कमरा दिक् करता है
जल्दी लौटें जहाँ गये !

हर इतवार को जिसे संवारा
पूजा का कमरा भी उदास,
बाग-बगीचा, सब्जी बाड़ी
देख रहे भर मन में आस !

गिरे हुए हैं कई आमले
ग्राहक नजर नहीं आता,
लाल टमाटर पक-पक झरते
कोई उनको नहीं उठाता !

मधुर ध्वनि शंख की अब तो
सुबह नहीं देती है सुनाई,
रामायण का पाठ न होता
अखबार भी बंद कराई !

स्वाद दाल का कोई न भूला
कटहल भी आया है घर,
बिना आपके कुछ न भाता
याद दिलाता है हर मंजर !

सभी याद करते हैं पल पल
मीरा, शिव भी राह निहारें,
हरसिंगार के फूल झरे हैं
याद सदा करती हैं बहारें !

कितनी खुशियाँ बाट जोहतीं
नतिनी की शादी है सिर पर,
एक यात्रा भी करनी है
बुला रहा बनारस का घर !

शक्ति दाता देगा शक्ति
भोलेबाबा भला करेंगे,
भीतर जो ऊर्जा छिपी है
उसे जगा के स्वस्थ करेंगे !

(पिताजी कुछ दिनों से अस्पताल में हैं.)
मीरा, शिव - नैनी के बच्चे 
दाल- वे अच्छी बनाते हैं 
कटहल- उन्हें पसंद है 





23 टिप्‍पणियां:

  1. कविता बेहद अच्छी है।
    आदरणीय अंकल जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।

    सादर

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    1. अभिजीत जी, संगीता जी, स्वागत व आभार !
      यशवंत जी, बहुत बहुत आभार शुभकामनाओं के लिए..

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  2. भाव स्पर्शी वंदना .पिताजी स्वस्थ हों हम भी चाहतें हैं .कर्म भोग चुक्तु करने से पहले कोई जा नहीं सकता .

    सबका अपना प्रारब्ध पंथ एकाकी है,

    अब होश हुआ ,जब इने गिने दिन बाकी हैं .

    पुरुषार्थ तो करना होगा ,शिव की याद रहे .उसी के चरणों में बैठ ,उसे ही याद कर खुद को ज्योति स्वरूप आत्मा समझ पिताजी की सेवा करो .लेकिन नष्टो - मोहा बनो मोह न रखो .बल मिलेगा .ॐ शान्ति .

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    1. वीरू भाई, आपके सुंदर शब्दों से बहुत संबल मिला, हार्दिक आभार !

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  3. नतिनी की शादी की शुभकामनाएं..आपकी लेखनी हमें झलकें अवश्य दिखाएंगी..

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    1. अमृता जी, नतिनी तो पिताजी यानि ससुर जी की है, मेरी भांजी है, उसकी शादी में हम नहीं जा पा रहे हैं, फोटो देखकर अवश्य शामिल हो जायेंगे.

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  4. बहुत भावपूर्ण रचना...पिता जी के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना...

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  5. ईश्वर आपके पिताजी को शीघ्र अति शीघ्र स्वस्थ करें ताकि घर की रौनक पुनः लौट सके|

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  6. भोले बावा भला करेंगे ...
    इन शब्दों में शक्ति है माँ ...
    पिता स्वास्थ्य लाभ करें यही कामना है !

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  7. शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना.

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    1. महेश्वरी जी, कैलाश जी, शालिनी जी, सतीश जी व रचना जी, आप सभी का हृदय से आभार..

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  8. मना रही हूँ - आपके पिताजी शीघ्र स्वस्थ होकर घर आयें!

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    1. प्रतिभा जी, हम आपके आभारी हैं..

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    1. मानव जी व अनु जी, स्वागत व आभार !

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  10. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति -...पिताजी जल्दी स्वस्थ हों ,यही कामना है .
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