रविवार, जनवरी 1

कब होगा जागरण



कब होगा जागरण

बूढी परी ने शाप दिया था उस दिन
सो गया सारा देश
राजभवन के चारों ओर उग आये बड़े बड़े जंगल
थम गया था जीवन
गुम हो गए लोग गहरी नींद में
लेकिन स्वप्न चलते रहे थे भीतर
स्वप्न में वे विचरते थे भीतर
खुले मैदानों में...
खाते-पीते थे... जगने की फ़िक्र ही नहीं की उन्होंने...
स्वप्न में ही जी ली थी पूरी सदी
और फिर... आया था राजकुमार
सोयी राजकुमारी को जगाने
लेकिन गहरी निद्रा का मोह घना था
स्वप्न में ही चल रहा है खेल
और मुस्का रहा है राजकुमार
नींद में ही गढ़ ली है उन्होंने उसकी मूर्ति
और पूजा कर रहे है...
अचरज में पड़ा वह ढूँढने निकल पड़ा है
बूढी परी को...



4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत गहन प्रस्तुति..आप को सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

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  2. नव वर्ष पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनायें।

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  3. बाल सुलभ उत्सुकता हुई..वो परी मिली ..? अच्छी लगी..

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