दिल से निकली एक दुआ
तुमको हर इक खुशी मिले बस इतनी सी ख्वाहिश है
पूर्ण चन्द्र से खिल जाओ दिल की यही गुजारिश है
वक्त पे जागो वक्त पे सोओ वक्त पे घर से आओ-जाओ
कैद नहीं करना है तुमको न ही कोई आजमाइश है
तुमको न पछताना पड़े न ही नजर झुकाना पड़े
याद सदा दिल में रखो दिल अल्लाह की पैदाइश है
सुख तो पीछे आयेगा छोड़ो तुम दुःख की फिक्रें
जिगरा अपना बड़ा करो यह रब की फरमाइश है
घुटनों-घुटनों चलते थे दौड़ लगाना सीख लिया
मंजिल तक भी पहुंचोगे न भटको यह सिफारिश है