शनिवार, फ़रवरी 7

समुद्री यात्रा


प्रिय ब्लॉगर मित्रों, कुछ दिनों पहले हमने पहली एक लंबी समुद्री यात्रा की, उसी के दौरान ये कविताएँ लिखीं थीं, इन्हें एक साथ पढ़ने पर ही आप उस यात्रा की कुछ झलक पा सकते हैं, ऐसा मुझे लग रहा है, पढ़कर अपनी राय से अवश्य अवगत करायें।

परिवार 


लंबी समुद्री यात्रा में 

कही एक कहानी किसी ने

सौर मण्डल में रहती है पृथ्वी 

और पृथ्वी पर सागर 

रुकिए !  पूछा बालक ने

 सौर मण्डल कहाँ रहता है ? 

आकाश गंगा में ! 

और आकाश गंगा ? 

इस अनंत ब्रह्मांड में !

अब सुनो, 

हम सागर की बात कर रहे थे 

सागर में तैर रहा है एक जहाज़ 

जहाज़ पर हज़ारों लोग 

लोगों में एक परिवार 

 जिनके मध्य बहता है प्यार 

क्योंकि करते हैं सभी 

सबको 

सहज स्वीकार ! 


कबूतर 


जहाज़ पर जाने कहाँ से 

उड़ता हुआ 

आया एक कबूतर 

पल भर बैठ बालकनी में 

चला गया 

चारों ओर है जल ही जल 

लौटकर आएगा 

किसी मस्तूल पर जहाज़ की 

चुपचाप बैठ जाएगा 

उसे नहीं मालूम 

डेक पर फ़ूड कोर्ट है 

जहाँ पानी है 

और दाना भी 

शायद कुछ और प्राणी भी 

बसते हों जहाज़ पर 

चूहे या तिलचट्टे 

पर कबूतर तो दो दिन का मेहमान है 

भूमि दिखते ही उड़ जाएगा 

फिर किसी नयी दिशा में मुड़ जाएगा !



पापाजी 


आज आपकी याद आ रही है 

हम धरती से बहुत दूर पानी में हैं 

आपको बताते

तो कितने हैरां न होते आप 

ख़ुशी से भरकर पूछते 

ढेर सारे प्रश्न ! 

पानी का रंग कैसा है ?

इंजन कितना बड़ा है ?

कितने लोग हैं ?

हम मज़े ले लेकर आपको सब बताते 

कितनी ही बातें मन में ही रह जाती हैं

जो केवल आप से कह सकते थे 

कुछ फूल हर जगह नहीं पनपते 

कुछ बातें भी ऐसी होती हैं ! 



जल जगत 


गगन में सूर्य 

धरा पर सिंधु 

सिंधु पर फैला है आलोक 

मीलों तक चाँदी सी 

चमक रही हैं लहरें 

गूंज रहा है उनका निनाद 

इस सूने विशाल प्रांगण में 

कल-कल, कल-कल 

जहाज़ के वेग से बनती हैं लहरें 

और बिखर जाता है ढेर सारा श्वेत फेन 

नीले पानी में पल भर के लिए 

ऐसा घट रहा है बार-बार 

पर अच्छा लगता है उतना ही 

हर बार 

दूर तक पानी ही पानी है 

जिसकी गहराई में एक नहीं 

कई संसार बसते हैं 

जहाँ शंख, सीपियाँ व कछुए रहते हैं 

कोरल के गाँव हैं और मछलियों के स्कूल हैं 

थोड़ा सा नीचे झाँकों तो 

जल में जीवन पनप रहा है 

धरती से अनभिज्ञ एक और जगत 

अपना भाग्य रच रहा है !



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें