ऐसा एक मिलन था अद्भुत
प्रिय ब्लॉगर मित्रों,
बरसों पहले घर में परिवार के सभी लोग इक्कट्ठे हुए, जब एक कुनबा एक साथ होता है तो कई नई यादें मनों में घर कर लेती हैं भविष्य में आने वाली पीढ़ियों तक वह यादें किसी न किसी तरह पहुँच जाती हैं. कुछ यादें मैंने इस कविता में उतारी थीं, इसे पढ़कर शायद आपको भी अपने परिवार के मिलन की कोई स्मृति हो आये...
.jpeg)


.jpeg)


.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)
.jpeg)