रविवार, अप्रैल 18

श्वासें

श्वासें 


गा रही हैं नाम  

जिसे हम सुन नहीं पाते 

या कर देते हैं सुनकर भी अनसुना 

श्वासें कीमती हैं कितनी 

यह बात सिखा रहा है एक वायरस आज 

चेतना के समंदर में उठती-गिरती लहरों सी 

ही तो हैं ये श्वासें 

उथली और छोटी होंगी तो 

नाप नहीं पाएंगी गहराई उसकी 

तीव्र और कंपित होंगी 

तो मन को भयभीत बनाएंगी 

गहरा करें इन्हें 

उस परम की ऊर्जा भरें उनमें 

यही प्राणों का आयाम हमें मुक्त करता है

 भर देती हैं शक्ति से जब भीतर आती हैं 

बाहर जाती हुई समर्पित हो जाती हैं 

‘सो’ कहकर चेतना को भरतीं 

‘हम’ में स्वयं को अर्पित करतीं 

इन्हीं श्वासों का आवागमन ही जीवन है 

इनसे ही चलता मन है 

श्वासें हल्की और धीमी हो जाएँ 

एक लय में पिरो ली जाएँ 

तो टिक जाता है मन का अश्व भी  

और चैतन्य उसमें झलक जाता है ! 


 

22 टिप्‍पणियां:

  1. इन्हीं श्वासों का आवागमन ही जीवन है

    इनसे ही चलता मन है

    श्वासें हल्की और धीमी हो जाएँ

    एक लय में पिरो ली जाएँ

    तो टिक जाता है मन का अश्व भी

    और चैतन्य उसमें झलक जाता है !..सुंदर जीवन दर्शन को अव्यक्त करती सुंदर कृति ।

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  2. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (19-4-21) को "श्वासें"(चर्चा अंक 4042) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    --
    कामिनी सिन्हा

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  3. आपकी कविता एक कोण से सरल है तो दूसरे कोण से गूढ़। प्राणायाम के महत्व को भी अनुभव किया जा सकता है इन पंक्तियों में। अभिनंदन आपका अनीता जी इस उत्तम सृजन हेतु। आपकी रचनाएं सागर सरीखी होती हैं। जो गहरे में उतरेगा, मोती उसी को मिलेंगे।

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    1. कविता के मर्म को अनुभव करते हुए प्रेरक प्रतिक्रिया हेतु आभार जितेंद्र जी !

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  4. श्वांस का आना जाना ही चेतनता को दर्शाता है । गहन अभिव्यक्ति ।

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  5. साँसों का जीवन में कितना महत्व है
    यह सब जानते हैं,लेकिन आपने जिस
    नए औऱ प्रभावी अंदाज से अपनी रचना माध्यम से
    उकेरा है वह कमाल है

    बहुत सुंदर रचना
    बधाई

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  6. वाह सुंदर प्रतीकात्मक उदबोध देती सार्थक रचना ।
    कविता में आपने श्वास को साधने के नुस्खे बताए दिये उपयोगी

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  7. चेतना के समन्दर में उठती गिरती लहरें ...साँसों का आना जाना चेतना और समर्पण ...साँसों पर नियंत्रण ही मन को वश में करने का उपाय ...वाह सब कुछ कितना सही और व्यावहारिक है . प्राणायाम का महत्त्व सुनती रहती हूँ पर आपकी कविता में जैसे आपका वर्षों का अनुभव बोल रहा है . एक गंभीर तथ्य को आपने कितनी सहजता से प्रस्तुत किया है . नमन करती हूँ आपको

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    1. लगता है आपको भी प्राणायाम का अभ्यास है, प्रोत्साहन देती सुंदर प्रतिक्रिया के लिए आभार !

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  8. जीवन भी तो इन्ही का एक खेल है ... इस पर नियंत्रण हो सकता है पर इनका होना भी जरूरी है ... बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना ...

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    1. सही है, श्वासों का होना आज के समय में अति आवश्यक है, पर उसके लिए भी उन्हें साधना होगा

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  9. श्वासें कीमती हैं कितनी

    यह बात सिखा रहा है एक वायरस आज

    सत्य कहा आपने 👌 बहुत सुंदर रचना आदरणीया।

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