भारत रत्न अटल जी
बड़े दिवस पर जन्म
लिया था
अति विशाल कवि
मानस पाया,
अंतर समर्पित
राष्ट्र हित हो
जूझ आंधियों में
मुस्काया !
तेरह मास, पांच वर्षों का
सफर बड़ा ही कठिन
गुजारा,
किन्तु नहीं आया
फिर से वह
गौरवशाली समय
दुबारा !
जनसंघ के
संस्थापक बने
बीजेपी को भी
जन्म दिया,
स्वयं सेवक बनकर
संघ के
पांचजन्य का नाद
भी किया !
चौबीस दलों को
साथ मिला
एक नई सरकार बनाई,
इक्यासी मंत्री
थे जिसमें
भारत को नई
कीर्ति दिलाई !
भारत परमाणु
सम्पन्न हो
पड़ोसी से संबंध
सुधाार,
समर कारगिल का भी
जीता
कवि हृदय भरी
करुणा अपार !
भारत के चारों कोने
जुड़
अटल मार्ग से आज
मिले हैं,
पटु वक्ता ओजस्वी
नेता
पाकर भारत भाग्य
खिले हैं !