सृष्टि नई नवेली दिखती
कौन छिपा पर्दे के पीछे
जाने किसको खोज रहे हैं ?
आते जाते लोग युगों से
जाने क्या कुछ खोज रहे हैं ?
किस रहस्य ने बींधा इनको
क्या तलाशती हैं संस्कृतियाँ,
नृत्य, वाद्य, शिल्प के पीछे
छिपी कौन सी आकृतियां !
दूरबीन ले तकते नभ को
नक्षत्रों की कुंडली बांचें,
सागर तल की गहराई में
जीव-जगत के चित्र भी आंकें !
कितने प्रश्न अबूझे अब भी
ज्ञानी-ध्यानी कितने आये,
सृष्टि नई नवेली दिखती
युग पर युग बीतता जाये !
जग के हाथ न कुछ भी आया
जिसने खोजा उसने गाया,
गाकर वह फिर मौन रह गया
सब दे भी कुछ दे ना पाया !
अनिता निहालानी
२० दिसंबर २०१०
कौन छिपा पर्दे के पीछे
जाने किसको खोज रहे हैं ?
आते जाते लोग युगों से
जाने क्या कुछ खोज रहे हैं ?
किस रहस्य ने बींधा इनको
क्या तलाशती हैं संस्कृतियाँ,
नृत्य, वाद्य, शिल्प के पीछे
छिपी कौन सी आकृतियां !
दूरबीन ले तकते नभ को
नक्षत्रों की कुंडली बांचें,
सागर तल की गहराई में
जीव-जगत के चित्र भी आंकें !
कितने प्रश्न अबूझे अब भी
ज्ञानी-ध्यानी कितने आये,
सृष्टि नई नवेली दिखती
युग पर युग बीतता जाये !
जग के हाथ न कुछ भी आया
जिसने खोजा उसने गाया,
गाकर वह फिर मौन रह गया
सब दे भी कुछ दे ना पाया !
अनिता निहालानी
२० दिसंबर २०१०