झोंका लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
झोंका लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, फ़रवरी 7

जीवन एक हवा का झोंका

जीवन एक हवा का झोंका 


मधु से मधु भर लें अंतर में 

कुछ रंग चुरा लें कुसुमों से, 

अंबर से नीलापन निर्मल 

गह लें विस्तार दिशाओं से !


मन हो जाये गतिमय नद सा

हरियाली दुनिया में भर दे,  

जीवन एक हवा का झोंका 

बन कर जिसे सुवासित कर दे !


कदमों में विश्वास भरा हो 

हाथों में हो बागडोर भी, 

पलकों में नव स्वप्न भरे हों 

पूर्ण सत्य की इक ज्वाला भी !


अपने पथ पर हो निशंक फिर 

राही कदम बढ़ाता जाये, 

कोई साथ सदा है उसके 

मनहर गीत सुनाता जाये !


उर की गहराई से निकलें 

सच के मोती बिखरें जग में, 

नहीं थमे विकास की धारा 

नहीं दम-खम प्रमाद का चले !