जीवन - एक यात्रा
सुना है
स्वयं से स्वयं तक की
यात्रा का नाम है जीवन !
क्या स्वयं से भरे मन को
स्वयं से ख़ाली करने की
यात्रा का नाम भी ?
अथवा वास्तविक स्वयं से रिक्त मन से
मायावी स्वयं को हटाने का नाम !
और मायापति को बिठाने का भी ?
या फिर स्वयं जो जानकार बना फिरता है
उसे अज्ञानी बनाने की यात्रा का ?
जीवन एक सीमित भाव से
असीम में प्रवेश की यात्रा भी तो है !
कुछ होने से
सब कुछ होने की
जो कुछ न होने से गुजर कर ही
सम्पूर्ण की जाती है !