त्योहार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
त्योहार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, अगस्त 1

आया अगस्त


आया अगस्त 

नव उजास नव आस लिए फिर 
नव प्रभात अगस्त ले आया, 
त्योहारों  का उल्लास लिए  
शुभ अष्टम सु-मास यह  आया !

रक्षा सूत्र बँधे हाथों में 
अंतर प्रीत प्रकट हो इनमें, 
अमर अदाह्य अभेद चेतना 
सदा अभय ही जाना जिसने !

राम बसे जो रोम रोम में 
महिमावान प्रभु पुनः विराजें, 
मंगलमय संदेश प्रेम का 
छाये, हर दुर्बलता त्यागें !

मोहक मधुर तीज हरियाली 
कान्हा का अवतरण दिवस भी, 
ध्वज आरोहण लालकिले पर 
गणपति का होगा पूजन  भी !

कौशल पा सब कर्मशील हों 
भारत की सुनीति शुभकारी
श्रद्धा सँग विश्वास पर टिकी,
शिक्षा में भी अब झलकेगी !

सदा रहे चहुँ ओर सुरक्षित 
सुंदर रीति नीति अपनाए, 
सजग और सतर्क रहकर ही 
स्वयं बचे और को बचाए !


रविवार, अगस्त 10

राखी


राखी



छुपाये है कितनी कोमल भावनाएं
रेशम के धागों से बनी
ये रंगीन राखियाँ !
गागर में सागर भरा हो जैसे
या बादलों में अमृत
अथवा तो फूलों में सुवास !
समेटे है अनगिनत स्मृतियाँ
अपने रंगीन नाजुक आकार में
 सजती है जब किसी कलाई पर
आलोड़ित हो जाता है उर
उग आते हैं
कितने सुमनों के उपवन
सूर्य और चन्द्रमाओं के समान
देदीप्यमान हो जैसे कोई राजा
और छाया हो उसका प्रताप चहूँ ओर...या
सुकोमल नवनीत सा पिघल जाता हो
हर स्पंदन
मुबारक हो बार-बार
राखी का यह त्योहार
यह रक्षा बंधन !