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शुक्रवार, मई 1

आज मजदूर दिवस है

आज मजदूर दिवस है 


आएं, श्रम का हम सम्मान करें 
कर्मठ मजदूरों का मान करें 
जिनके बल पर बनती हैं सड़कें 
महल-दुमहले उठ जाते नभ में देखते-देखते 
हजारों मीलों तक रेलों की पटरियां बिछतीं
बीहड़ जंगलों से जो गुजरतीं 
कूप गहरे तेल के या जल के भी हों 
खोदने में पल भर की ना देरी लगाते 
खेत-खलिहान में काम जुटे रात-दिन  
धूप-वर्षा, शीत लहर सहते
आज वे बेघर हुए या घरों से दूर 
महामारी के सताये 
जाने कैसा जीवट उनके मनों की 
गहराई में वास करता 
नहीं,  संभव नहीं कि,  कभी उनके 
श्रम का प्रतिदान कुछ हम दे सकें 
कम से कम अदम्य साहस सराहें 
देखकर अप्रतिम योगदान उनका 
देश के चहुँमुखी विकास में 
आज कर्मवीर कहकर पुकारें !

मजदूर दिवस

मजदूर दिवस

घर के बाहर माली दिखा
बगीचे की घास संवारता सुबह-सवेरे ही
याद आया आज मजदूर दिवस है और इसे पता तक नहीं..
कुछ ही देर में आयी कामवाली बाई
पहला सवाल था आज छुट्टी है किस बात की
समझाया उसे आज है मजदूर दिवस
पर उसे तो काम करना था रोज की तरह
कामगार ससुर अस्पताल में भर्ती है
उसे जाने की जल्दी है  
दूध वाला आया
और फिर धोबी घर-घर घूमते
भीगे पसीने से, साइकिल चलाते
उन्हें भी कहाँ ख्याल होगा आज कौन सा दिन है
सोचा.. क्यों न खुद ही कुछ ऐसा करें
आज कुछ खास है उन्हें लगे
माली के लिए मसाला चाय बनाई
बाई के लिए परांठे भी
दूध वाले को बिन मांगे बख्शीश दी
और धोबी से कुछ देर गपशप की
अस्पताल जाकर रोगी को देखा
और.. इस तरह मजदूर दिवस मना !