वसंत पंचमी
माघ मास के शुक्ल पक्ष की
तिथी पंचमी जब भी आती,
खिलते दिगंत, आता वसंत
सरस्वती पूजा शुभ भाती !
विद्या, बुद्धि, ज्ञान, वाणी, श्री
मेधा, प्रज्ञा, धी, स्मृति, ब्राह्मी ,
माँ भारती, हंसविराजती
आद्या शक्ति परमेश्वर की !
वीणापाणि, श्वेताम्बरा माँ
कुमुदी, शारदा अनगिन नाम,
भाषा, इला, गो, वाग्देवी
बारम्बार है तुम्हें प्रणाम!
श्वेत हंस वाहन अति सुंदर
आसन पंकज श्वेत विराजे,
दो हाथों में वाद्य उठाये
वेद, पुहुप बाक़ी में साजे !
अमृतमय, हो प्रकाश पुंज तुम
शुभ कृपा बरसती है प्रतिपल,
शुद्ध प्रेममय, हे तेजोमय
अंतर में बसो सदा अविचल !