जिन्दगी का गीत मिलकर
सादगी हो जिन्दगी में
दिलों में थोड़ी शराफत,
दिन कयामत अगर आये
खुशदिली से करें स्वागत !
नफरतों की बात ना हो
दूरियां मिट जाएंं दिल से,
प्यार के किस्से कहेंं फिर
फूल बन मुस्काएं खिल के !
'शुक्रिया' हर साँस में हो
हर दिल से बन दरिया बहे,
इश्क की ही जीत होगी
हर शब्द अपना यह कहे !
सुख की ही चाहत जगे न
दुःख से न नजरें चुराएँ,
जिन्दगी का गीत मिलकर
हर जुबां में गुनगुनाएं !
आज दिल में उठे ख्वाहिश
दोस्ती हो जंग ना हो,
खूबसूरत इस जहाँ में
बेरुखी का रंग न हो !

