मन की बात
मन की बात कही आपने,
मन की बात सुनी सभी ने !
सुन कर इसको गुनना होगा,
स्वप्न नया फिर बुनना होगा !
सबको सम अधिकार मिलेंगे,
जब बेटा बेटी दोनों खिलेंगे !
प्रगतिशील बनेगा जन जन,
शक्ति प्रकटेगी हर तन मन !
दुनिया के दो गणतन्त्र मिल,
राह दिखायें पा लो मंजिल !
विश्व बने सबका परिवार,
प्यार बढ़े न हो तकरार !
निज भूमिका सभी निभाएं,
जीवन को इक पर्व बनाएं !
